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रेयर अर्थ मैटेरियल का नया ग्लोबल हब बना मलेशिया पेंटागन के साथ $1 बिलियन की डील, चीन के एकाधिकार को अमेरिका की बड़ी चुनौती

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Posted On:Monday, April 27, 2026

अंतरराष्ट्रीय रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए अमेरिका ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रेयर अर्थ मैटेरियल (Rare Earth Materials) के लिए अब तक चीन पर निर्भर रहने वाला अमेरिका अब मलेशिया को अपना नया प्रमुख साझेदार बनाने जा रहा है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और मलेशिया के बीच रेयर अर्थ की आपूर्ति और विकास को लेकर लगभग $1 बिलियन (करीब 8,300 करोड़ रुपये) की एक प्रारंभिक डील हुई है।

मलेशिया: एशिया का नया 'खनिज पावरहाउस'

मलेशिया के कुआंतान (Kuantan) क्षेत्र में भारी मात्रा में रेयर अर्थ मैटेरियल के भंडार मिले हैं। हालिया खोजों के अनुसार, मलेशिया के 9 राज्यों में लगभग 2.7 लाख टन नॉन-रेडिएक्टिव रेयर अर्थ रिसोर्सेज की पुष्टि हुई है, जबकि अनुमानित भंडार 15 से 20 लाख टन तक हो सकता है। इसे निकालने और रिफाइन करने के लिए मलेशिया ने एक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ समझौता किया है, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा प्रोसेसिंग हब विकसित कर रही है।

पेंटागन की $1 बिलियन की डील और रणनीतिक उद्देश्य

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस निवेश का मुख्य उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करना है, जिसका वर्तमान में वैश्विक सप्लाई चेन पर 90% से अधिक कब्जा है।
  • रक्षा उपकरणों के लिए अनिवार्य: मिसाइल गाइडेंस सिस्टम, रडार, एयर डिफेंस और लड़ाकू विमानों के इंजन बनाने के लिए इन खनिजों की सख्त जरूरत होती है।
  • मिनाब और ईरान संकट: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच अमेरिका को अपने हथियारों के भंडार को आधुनिक बनाने के लिए इन सामग्रियों की तत्काल आवश्यकता है।

चीन के वर्चस्व को बड़ा झटका

मलेशियाई सरकार ने अपनी प्रोसेसिंग क्षमता (Midstream Capacity) को बढ़ाने का संकल्प लिया है ताकि वह केवल कच्चा माल निर्यात करने के बजाय उच्च-मूल्य वाले उत्पाद तैयार कर सके। पेंटागन का यह निवेश मलेशिया को न केवल आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि उसे दक्षिण-पूर्व एशिया में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार भी बना देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक अमेरिकी रक्षा सप्लाई चेन से चीनी रेयर अर्थ को पूरी तरह बाहर करने के लक्ष्य में मलेशिया की भूमिका निर्णायक होगी।


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