ताजा खबर
ये प्रेम मोल लिया का सांग सावन आया है वायरल हुआ   ||    तब्बू के जन्मदिन पर मिला फैंस को खास तोहफा, किंग 100 से महारानी झांसी के दमदार अवतार में आईं नजर   ||    कनिका कपूर ने बताई दूसरी शादी टूटने की वजह, बोलीं मेरी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स नहीं है   ||    सलमान खान के स्वैग से लेकर मृणाल ठाकुर की खूबसूरती तक, रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में सितारों का ल...   ||    सलमान खान का नया गाना तेरी सेक्सी ब्यूटी रिलीज, दो पेग और सुबह की फ्लाइट वाले ट्वीट ने फैंस को किया ...   ||    बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप   ||    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और ट्रंप की पार्टी को झटका: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव   ||    Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, खरीदारों के लिए क्या हैं संकेत?   ||    मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति: झांग यिमिंग और अडानी को पीछे छोड़ा   ||    SBI रिसर्च: LTCG टैक्स हटाने से सरकारी राजस्व पर असर का विश्लेषण   ||   

कर्नाटक हाईकोर्ट ने RSS शाखाओं पर रोक के सरकारी आदेश पर लगाई रोक, सरकार करेगी अपील, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, October 28, 2025

मुंबई, 28 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने मंगलवार को राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें बिना अनुमति सरकारी या सार्वजनिक जगहों पर RSS की शाखा लगाने और 10 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगाई गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर करेगी। राज्य सरकार का यह आदेश मंत्री प्रियांक खड़गे के सुझाव के बाद जारी किया गया था। खड़गे ने सार्वजनिक स्थानों पर RSS की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद 18 अक्टूबर को कैबिनेट ने फैसला किया कि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक जगह, सड़क या मैदान में बिना अनुमति शाखा या पथ संचलन नहीं किया जा सकेगा।

जस्टिस नागप्रसन्ना की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या इस आदेश के पीछे कोई और उद्देश्य है। कोर्ट ने सरकार को अपने पक्ष में दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया और साथ ही गृह विभाग, DGP और हुबली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया। यह याचिका हुबली की पुनश्चितना सेवा संस्था द्वारा दायर की गई थी। संस्था की ओर से सीनियर एडवोकेट अशोक हरनहल्ली ने दलील दी कि सरकार का आदेश संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि इस आदेश के अनुसार अगर किसी सार्वजनिक जगह, पार्क या मैदान में 10 से अधिक लोग इकट्ठा हों, तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा, जबकि पहले से ही पुलिस एक्ट में इस संबंध में प्रावधान मौजूद हैं। सरकार के आदेश में कहा गया था कि बिना अनुमति 10 या उससे अधिक लोगों का किसी भी सार्वजनिक स्थान जैसे सड़क, पार्क, मैदान या झील के किनारे इकट्ठा होना अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी आदेश के जरिए नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीने नहीं जा सकते।


जौनपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. jaunpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.