ताजा खबर
ये प्रेम मोल लिया का सांग सावन आया है वायरल हुआ   ||    तब्बू के जन्मदिन पर मिला फैंस को खास तोहफा, किंग 100 से महारानी झांसी के दमदार अवतार में आईं नजर   ||    कनिका कपूर ने बताई दूसरी शादी टूटने की वजह, बोलीं मेरी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स नहीं है   ||    सलमान खान के स्वैग से लेकर मृणाल ठाकुर की खूबसूरती तक, रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में सितारों का ल...   ||    सलमान खान का नया गाना तेरी सेक्सी ब्यूटी रिलीज, दो पेग और सुबह की फ्लाइट वाले ट्वीट ने फैंस को किया ...   ||    बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप   ||    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और ट्रंप की पार्टी को झटका: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव   ||    Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, खरीदारों के लिए क्या हैं संकेत?   ||    मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति: झांग यिमिंग और अडानी को पीछे छोड़ा   ||    SBI रिसर्च: LTCG टैक्स हटाने से सरकारी राजस्व पर असर का विश्लेषण   ||   

7 नवंबर से ऑपरेशनल होगा ISRO-NASA का संयुक्त मिशन NISAR सैटेलाइट, धरती की हर 12 दिन में लेगा तस्वीरें, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, November 5, 2025

मुंबई, 05 नवम्बर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। भारत और अमेरिका की संयुक्त पहल से तैयार किया गया NISAR सैटेलाइट 7 नवंबर से पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा। इस सैटेलाइट को 30 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। इसके काम शुरू करने के बाद वैज्ञानिकों को भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, बर्फबारी, जंगलों और खेती में हो रहे बदलावों का सटीक विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। यह सैटेलाइट हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरें भेजेगा।

NISAR सैटेलाइट भारत के इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की संयुक्त तकनीक से तैयार किया गया है। इसमें दो विशेष रडार लगाए गए हैं—L-बैंड, जो नासा ने विकसित किया है, और S-बैंड, जो इसरो ने बनाया है। दोनों की संयुक्त तकनीक से सैटेलाइट धरती की बेहद स्पष्ट और विस्तृत तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। करीब 2400 किलो वजनी यह सैटेलाइट इसरो के I3K प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इसमें 12 मीटर का बड़ा एंटीना लगाया गया है, जो अंतरिक्ष में पहुंचकर लगभग 9 मीटर तक फैल जाएगा। यह एक बार में 240 किलोमीटर चौड़ाई तक की तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। मिशन की अवधि 5 साल रखी गई है और इसका डेटा पूरी दुनिया के लिए खुला और मुफ्त रहेगा।

NISAR से मिलने वाला डेटा न सिर्फ जलवायु परिवर्तन को समझने में मदद करेगा, बल्कि जंगलों, ग्लेशियरों और वेटलैंड्स की भूमिका का भी गहराई से अध्ययन किया जा सकेगा। यह सैटेलाइट इस बात की जानकारी देगा कि जंगल और वेटलैंड किस तरह से कार्बन और ग्रीनहाउस गैसों को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं।

सैटेलाइट से बवंडर, भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, तूफान, ग्लेशियरों के पिघलने, समुद्र के जलस्तर में वृद्धि, जंगली आग और कृषि क्षेत्रों में होने वाले बदलावों की भी पहले से जानकारी मिल सकेगी। इसके जरिए धरती की सतह पर हो रहे परिवर्तनों, अंतरिक्ष से आने वाले संभावित खतरों और प्रकाश की कमी-बढ़ोतरी से जुड़ी अहम जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। NISAR से मिलने वाली हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरें भारत और अमेरिका दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से भी अहम साबित होंगी। यह सैटेलाइट हिमालय क्षेत्र के ग्लेशियरों की निगरानी में मदद करेगा और चीन तथा पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर भी नजर रखने में सहायक होगा।


जौनपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. jaunpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.