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तेज हवा और भीषण बारिश का अलर्ट, एक नहीं दो पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव, मानसून पर IMD का ताजा अपडेट

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Posted On:Friday, May 30, 2025

देश में दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय हो चुका है, जिससे विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 7 दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। इस बार मानसून के साथ ही दो पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं, जो बारिश की तीव्रता और विस्तार में योगदान दे रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन-किन राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी है और आगामी दिनों में मौसम कैसा रहेगा।

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) बन गया है, जो सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट को पार कर सकता है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तरी बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्य और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के साथ-साथ सिक्किम तक अपनी पहुँच बना ली है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में अगले 1-2 दिनों के अंदर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है।

इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में सक्रिय है, जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और निचले एवं मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर प्रभावी है। इसके अतिरिक्त दक्षिण पंजाब के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि पश्चिमी राजस्थान और मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी भागों में भी एक चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। ये सभी वेदर सिस्टम मिलकर पूरे देश में मानसून की गति और बारिश की मात्रा को प्रभावित कर रहे हैं।

दक्षिणी भारत की बात करें तो 30 मई से 1 जून के बीच केरल और कर्नाटक में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बादल बरसेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी 30-31 मई को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 मई से 1 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों तक भारी बरसात जारी रहने की उम्मीद है।

मध्य और पूर्वी भारत में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों तथा मध्य प्रदेश में 30 मई से 1 जून के बीच गरज, बिजली के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में 30 मई को 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे हवा का प्रकोप बढ़ सकता है।

उत्तर पश्चिम भारत की स्थिति भी गंभीर है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होगी। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में 30 मई से 2 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

तापमान की बात करें तो पश्चिम राजस्थान के बाड़मेर में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक तापमान था। अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3 दिनों तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। वहीं, मध्य भारत में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में 30-31 मई को हीटवेव की चेतावनी भी जारी की है, इसलिए लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय करने चाहिए।

कुल मिलाकर, देश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही बारिश का सिलसिला भी तेज हो गया है। बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों, आम जनता और यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और लोग सतर्क रहें। साथ ही, मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और अलर्ट्स पर ध्यान देना जरूरी है ताकि अनहोनी से बचा जा सके।

इस बार के मानसून की शुरुआत में ही दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और डीप डिप्रेशन ने देश के मौसम को काफी प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा, जो गर्मी से राहत तो देगा लेकिन साथ ही कहीं-कहीं जलभराव और बाढ़ की स्थिति भी पैदा कर सकता है। इसलिए बारिश के दौरान सुरक्षा के उपाय अपनाना और सतर्क रहना आवश्यक है।

इस तरह मानसून 2025 ने अपनी दस्तक दे दी है और देश के कई हिस्सों में जीवन-यापन में बदलाव ला रहा है। बारिश के साथ ही तापमान में उतार-चढ़ाव और तेज हवाएं मानसून की सच्चाई को दर्शा रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की अपडेट्स पर नजर बनाए रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।


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